मेरी अपनी ज़िंदगी!
मेरी अपनी ज़िंदगी! नमस्कार दोस्तों, बहुत दिनों बाद मैं "मेरी अपनी ज़िन्दगी!" में कुछ लिखने जा रहा हूं। आप सभी जानते हैं कि अभी का वक्त सभी के लिए बहुत बुरा वक्त हैं, चारों तरफ़ कोरोना ही कोरोना काल में गुज़र रहा हैं। यह वक्त ने सभी के जीवन को अधिक ज्यादा प्रभावित किया हैं। सभी का जीवन अस्त व्यस्त हो गया हैं। इस वक्त ने खाने से लेकर पहनावे तक की चीज़ो को और स्वास्थ्य तक की ज़रूरत की सभी सेवाओं का हाल बहुत बुरा किया हैं। इस काल में या इस समय में लोगों का आपस में मिलना जुलना तथा आपस में बात करने के तौर तरीके काफ़ी बदल चुके हैं। दुःख तो इस बात का हैं मुझे की डॉक्टर जैसे पड़े लिखें लोग इस गंभीर परिस्थिति में भी ना जाने कितने ऐसे मरीज हैं जिनका ठीक से इलाज़ नहीं हो पा रहा हैं। बहुत से डॉक्टरों का किसी भी मरीज का इलाज़ करने का तौर तरीक़ा बदल सा गया हैं। जो पहले कभी एक डॉक्टर को भगवान समझा जाता हैं आज कि तारिक में वह एक सिर्फ पैसा कमाने का जबरदस्त धंधा बन चूका हैं! मैं आज इस लेख में किसी कि नहीं बल्कि अपनी ही आप बीती लिख रहा हूं। मैं अपनी पत्नी का इलाज़ कराने एक प्...